इस इंटरनेट की दुनिया में जहाँ टेक्नोलॉजी से जुड़ी सुविधाएं सुकुन देती हैं. वहीँ दूसरी और इनके कुछ ऐसे परिणाम भी हैं जो इंसानियत को शर्मसार करते हैं. आजकल मशहूर हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है और सोशल मीडिया है सबसे आसान माध्यम. पर इसके कुछ दोष परिणाम भी हैं जो निहायती भद्दे हैं. बलोक्स एडवाइस नाम का एक फेसबुक ग्रुप मई में शुरू हुआ. आज उसके 2 लाख मेंबर हैं. और जानकार हैरानी होगी की ये सभी मर्द हैं. आप सोच रहे होंगे कि इतने कम दिनों में ग्रुप के इतने मेंबर कैसे हो गए. जाहिर सी बात है, या तो धर्म से जुड़ी हुई कोई चीज होगी. या सेक्स से. क्यूंकि आजकल लोग इन्ही दो विषयों को लेकर चर्चा करते दीखते हैं.

ये भी पढ़िए   सेक्स के दौरान पति का सर पत्नी की योनि में फस गया, दोनों को हस्पताल में भर्ती करवाया गया

बलोक्स एडवाइस एक क्रूर और भद्दी रेप गाइड

पर ये ग्रुप न ही धर्म के बारे में हैं और न ही सेक्स के बल्कि ये ग्रुप है रेप के बारे में. जी हाँ आपने बिलकुल सही पढ़ा रेप! अब आप सोच रहे होंगे की अगर रेप के बारे में हैं तो ज़रूर इसमें रेप के प्रति जागरूकता को दर्शाया गया होगा. पर आप अब भी गलत ही सोच रहे हैं. इसमें रेप की बुराइयों के बारे में नहीं बल्कि उसकी तारीफ के बारे में बतया गया है. इस निहायती घिनोने ग्रुप पुरुष बताते हैं की लड़कियों का किस तरह रेप किया जाए. वह ये जानकारिया साझी करते हैं की किस तरह एक लड़की की अनुमति के खिलाफ उससे सेक्स किया जाए. उसे अनल सेक्स के लिए बाध्य किया जाये. और सबसे गन्दी बात इन चीज़ों को नकारने की बजाय अन्य पुरुष इस बात के मज़े लेते हैं और ठहाके लगते हैं. और तो और अपनी प्रतिकीरिएं भी देते हैं सुझाव के साथ की रेप को किस तरह मज़ेदार बनाया जा सकता है.

ये भी पढ़िए   एक दर्जी से ‘देवी’ बनने तक का राधे मां का सफ़र दिलचस्प है

वह खुद के द्वारा किये गए सेक्सुअल कुकृत्यों के अनुभव भी साझे करते हैं. इस सीक्रेट ग्रुप की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से हुई थी. पेज के बारे में लोगों को तब पता चला जब राइटर क्लीमेंटीन फोर्ड ने अपने फेसबुक पेज से इस ग्रुप के कुछ स्क्रीनशॉट पोस्ट किए. इस ग्रुप में बहुत कुछ लिखा पाया गया. देखिए उसके दो नमूने:

ऐसे घिनौने ग्रुप को तो अभी के अभी डिलीट कर देना चाहिए. ये बस औरतों को एक वस्तु की तरह दिखा के पुरुषों को उकसाने का काम कर रहा है. सेक्स सभी की फंतासी का हिस्सा होता है. लेकिन रेप सेक्स नहीं होता. सेक्स तो वो होता है, जिसमें दोनों पार्टनर्स की मर्जी हो. वो नहीं जिसमें मर्द औरत पर जानवर की तरह सवार हो. और औरत रो रही हो. हम ऐसी सोच को सिरे से नकारते हैं. ये दुनिया दो लोगों से बानी है. मरद और पुरुष. इन दोनों का ही वजूद बराबर है. ऐसे में किसी को जानवर की तरह दर्शन क्रूरता है. इस रेप कल्चर की सच्चाई अत्यंत घिनौनी और डरावनी है.

ये भी पढ़िए   'ऐसी-वैसी औरत' ऐसी 10 औरतों की कहानी जिन्हें समाज की गंदगी माना जाता है, मर्द ज़रूर पढ़ें