पुलिस का खुलासा : मंदिर में फेंका मांस, फेंकने वाला कोई मुस्लिम नहीं बल्कि……

मोदी सरकार के राज में देश में इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है कि अल्पसंख्यकों को टारगेट किया जाना ही हिंदूवादी संगठनों और मोदी सरकार का मेन मकसद बन गया है। साल 2014 के बाद से ही भारत में मॉब लिंचिंग का इस तरह का दौर शुरू हुआ है। जो बीती सरकारों में कभी भी देखने को नहीं मिला।

हिंदूवादी संगठनों की बीजेपी के राज में बढ़ी गुंडागर्दी

बीजेपी धर्म के नाम पर राजनीति करती है और हिंदूवादी संगठनों के साथ मिलकर इस देश को चला रही है। आपको बता दें कि भारत के हिंदूवादी संगठन हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर देश में रह रहे अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं और देश का सांप्रदायिक सौहार्द और अमन चैन खत्म कर रहे हैं।

धार्मिक स्थल पर फेंका बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गौमांस

बीते कुछ वक्त से गोमांस को लेकर गौरक्षा को लेकर कई अजीबोगरीब नियम लागू कर चुकी है। वहीं हिंदूवादी संगठन भी बीफ मामले में मुसलमानों को घेरने में और शांति भंग करने मैं किसी तरह की कमी नहीं छोड़ रहे हैं

आपको बता दें कि भटकल में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए मंदिर में गोमांस फेंका था।

महिला इंस्पेक्टर ने किया था खुलासा

इस मामले में सब इंस्पेक्टर रेवती रमन करने यह खुलासा किया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा धार्मिक स्थल पर बीफ फेंक कर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर आरोप लगाना चाहते थे

रेवती रेवंकर का कहना है कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शहर को जलाने की तैयारी कर ली थी।

खुलासे के बाद देना पर इस्तीफा

इस बात का खुलासा करने वाली पुलिस अधिकारी रेवती बनकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है क्योंकि उन पर उनके सीनियर अफसरों द्वारा दबाव बनाया जा रहा था।

आपको बता दे कि इस्तीफा देने से पहले उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया था। गौरतलब है कि बीजेपी और हिंदूवादी कार्यकर्ताओं द्वारा कई बार इस तरह के कार्यों को अंजाम दिया गया है जिससे देश में सांप्रदायिकता तनाव फैला सके।