मोदी राज को चार साल होने को है । 2014 में चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को ध्यान में रखते हुए कई सारे व्यादे किये थे । चुनाव जितने के बाद बीजेपी को सत्ता में आये हुए चार साल होने को हैं। क्या इन चार सालों में मोदी सरकार अपने किये हुए वादों को पूरा करने में सफल रही या नहीं? आईये आज इसका अध्यन करते हैं।
देश में बेरोज़गारी बरकरार
मोदी सरकार ने देश में रोजगार बढ़ाने के बड़े बड़े व्यादे किये थे । क्या देश में बेरोज़गारी में कमी आयी? नहीं ।पर मोदी सरकार के मंत्रिओं का दावा है के हमने करोड़ों लोगों को रोज़गार का मौका प्रधान किया है । लोग बैंक से कम व्याज पर लोन लेकर अपना कोई भी काम शुरू क्र सकते हैं। पर क्या मोदी सरकार का कोई मंत्री बता सकता है के कितने लोगों को सरकारी नौकरिआँ मिली? इस बारे में कभी इनसे चर्चा ही नहीं हुई । मोदी सरकार के ही एक मंत्री का दावा है के देश में बेरोज़गारी लगातार बढ़ती जा रही है । देश में बेरोज़गारी का दर 5 फीसदी से ऊपर है । कांग्रेस के कार्यकाल में बेरोज़गारी दर 4 फीसदी के आस पास थी जो अब बढ़ के 5 फीसदी से ऊपर हो गयी है ।
कुल मिला के यह कहा जा सकता है के देश में बेरोज़गारी कम होने के बजाये लगातार बढ़ रही है ।

Unemployment
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भारत की अर्थव्यवस्था डगमगायी
भारत की अर्थव्यवस्था कुछ चमक नहीं रही । हमारी विदेशी नीतियां भी कुछ ख़ास नहीं है । नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों ने तो देश की अर्थव्यवस्था को और भी हिला के रख दिया है । पिछले साल 8 नवंबर को नरेंदर मोदी सरकार ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए नोटेबंदी का बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया था । पुराने 500 और 1000 के नोट बंद क्र दिए थे । इस नोटेबंदी के फैंसले में पिसा तो सिर्फ आम आदमी । अपने पैसों को बैंक में जमा करवाने और पुराने नोट बदलवाने के लिए लोगों को लम्बी लम्बी कतारों में लगना पढ़ा । वहीं अमीर लोगों पर इसका कोई असर नहीं हुआ । देश को कैशलेस इकॉनमी की तरफ ले जाने का मोदी सरकार का फैसला फ्लॉप साबित हुआ । लोग आज तक इसको समझ नहीं पाए ।पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने भी इस फैसले की आलोचना की थी ।

Demonetization
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नोटेबंदी के बाद हालात ठीक होने ही लगे थे के मोदी सरकार ने जीएसटी के रूप में एक और दांव खेला
। जीएसटी का मकसद था ‘एक देश, एक टैक्स ‘। पर यह फैसला भी देश की अर्थव्यवस्था को सुधार नहीं पाया । जीएसटी को सही ढंग से लागू नहीं किया गया । कई रोज़ मरहा की चीज़ें महंगी हो गयी । और भारत की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से डगमगा गयी ।

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GST
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इन सभ के बावजूद भी ‘मोदी भक्त’ मोदी सरकार की तारीफ करते हुए पीछे नई हटते और मोदी सरकार की उपलब्धियां और देश में हुए सुधार गिनवाते रहते हैं । इनसे कोई पूछे के भाई साब देश में कहाँ है सुधार? हमें तो नहीं दीखता । अब भी देश देश धरम के नाम से बटा हुआ है । कश्मीर का मुद्दा भी हल नहीं हो पाया है । धरम के नाम पर गुंडागर्दी भी जारी है ।
अंत में हम यह कह सकते हैं के मोदी सरकार अपने किये हुए व्यादे पुरे नहीं क्र पायी ।