आज अगर मैं किसी से कहु की एक बाप ने अपनी बेटी का रेप कर दिया तो हिंदुस्तान में लोग सिर्फ 1 मिनट के लिए चौकेंगे और फिर बोलेंगे कलयुग! क्यूंकि इस तरह की खबरों से आये दिन अखबारें भरी ही रहती हैं. इंसान जानवर बनता जा रहा है. वो भूल गया है रिश्तों की मर्यादा और सीमा. ऐसा ही कुछ हुआ है इंदौर में. एक पिता ने अपनी मुंहबोली बेटी से 11 साल तक ज्यादती की. उसका शोषण किया. उसका अमानवीय चेहरा तब सामने आया जब लड़की ने एक बेटी को जन्म दिया. उसने बेटी को अपना नाम देने का कहा तो आरोपी ने उसे व उसकी बच्ची को घर से निकाल दिया. इसके बाद लड़की ने एसपी से शिकायत की, मंगलवार को आरोपी के खिलाफ रेप और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है.

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क्या हो गया है हमारे समाज को? हम एक ऐसे दलदल में फंसते जा रहे हैं जिससे निकलना नामुमक़िन है. सुनिए ज्यादती की कहानी पीड़िता की जुबानी –

पीड़ित लड़की ने बताया की मैं मनासा तहसील के बर्डिया की रहने वाली हूं. बाछड़ा समाज बाहुल गांव होने से गरोड़ा निवासी भगवतीलाल पाटीदार का आना-जाना था. इसी दौरान उसकी नजर मुझ पर गन्दी पड़ी. उसने माता-पिता से मेरी पढ़ाई-लिखाई व बेटी की तरह पालन-पोषण का जिम्मा लेने को कहा. तब मेरी उम्र 14 वर्ष थी और मैं 8वीं में पढ़ रही थी. पढ़ाई में रुचि व आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से परिजन ने मुझे उसके साथ भेज दिया. आरोपी 7 मई 2007 को मुझे मंदसौर के मेघदूतनगर में एक मकान खरीद कर रखा. कहा- अभी तू नाबालिग है इसलिए बेटे के नाम पर खरीद रहा हूं, बालिग होने पर मकान तेरे नाम कर दूंगा. 6 माह उसने बेटी जैसा रखा. फिर अचानक उसकी नीयत बिगड़ी और जवो हैवान बन गया. उसने मेरा शोषण किया. विरोध करने पर कहा- मैं इंटरनेशनल तस्कर हूं, तेरे परिवार को जान से मार दूंगा, तुझे भी अफीम के केस में फंसा दूंगा. बड़े राजनेताओं व जज से पहचान होने का डर भी बताया. 2015 में गर्भवती हुई और 31 मार्च 2016 को मनासा के एक नर्सिंगहोम में बेटी को जन्म दिया. मैंने बेटी को अपना नाम देने व मकान नाम करने का कहा तो हमें घर से निकाल दिया.

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क्या भविष्य होगा ऐसे बच्चे का? सोच के भी दर लगता है. समाज के ऐसे गुनहगारों को ऐसा सबक सीखना चाहिए की कोई दोबारा किसी को गन्दी नज़र से न देखे. इसके लिए ज़रूरत है मजबूत कणों की जो ऐसे इंसानी रुपी भेड़ियों को ऐसा सबक सिखाये की कोई भी दोबारा ऐसे कुछ करने से पहले दो बार सोचे!!

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